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मैया मैं नाहीं दधि खायो

Maiya Main Nahin Dadhi Khayo

Surdas (16th c.) · pad no. ५ as quoted by Hariaudh

Original (Braj Bhasha)

मैया मैं नाहीं दधि खायो। ख्याल परे ये सखा सबै मिलि मेरे मुख लपटायो। देखु तुही छीके पर भाजन ऊँचे घर लटकायो। तुही निरखु नान्हें कर अपने मैं कैसे करि पायो। मुख दधि पोंछ कहत नँदनंदन दोना पीठि दुरायो। डारि साँट मुसकाइ तबहिं गहि सुत को कंठ लगायो।

सरल हिंदी भावार्थ

ड्राफ़्ट · समीक्षा बाकी (draft, under review)

(बाल कृष्ण कहते हैं —) माँ, मैंने दही नहीं खाया। ये सब सखा मिलकर मेरे मुँह पर लगा गए। तू ही देख, बर्तन तो छींके पर ऊँचा लटका है; मेरे छोटे-छोटे हाथ देख, मैं वहाँ तक कैसे पहुँचता? नंदनंदन मुँह से दही पोंछकर दोना पीठ के पीछे छिपाते हुए यह कहते हैं। (यह सुनकर) यशोदा ने छड़ी फेंक दी, मुस्कुराईं और बेटे को गले से लगा लिया।

🔊 हिंदी अर्थ / Hindi meaning

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English meaning

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