बसो मेरे नैनन में नँदलाल
Baso Mere Nainan Mein Nandlal
Meera Bai (16th c.) · pad no. 3 as quoted by Hariaudh
Original (Rajasthani/Braj)
बसो मेरे नैनन में नँदलाल। मोहनि मूरति सांवरि सूरति नैना बने विसाल। अधर सुधारस मुरली राजित उर बैजन्ती माल। छुद्र घंटिका कटि तट शोभित नूपुर शब्द रसाल। मीरा प्रभु संतन सुखदाई भक्त बछल गोपाल।
सरल हिंदी भावार्थ
ड्राफ़्ट · समीक्षा बाकी (draft, under review)हे नंदलाल (श्रीकृष्ण), मेरी आँखों में बस जाओ। आपकी मन मोहने वाली मूर्ति है, साँवली सूरत है और बड़ी-बड़ी आँखें हैं। होंठों पर अमृत जैसी मुरली है और छाती पर वैजयंती माला। कमर पर छोटी-छोटी घंटियाँ सजी हैं और पायल की मधुर आवाज़ है। मीरा के प्रभु संतों को सुख देने वाले और भक्तों से प्रेम करने वाले गोपाल हैं।
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English meaning
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