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मेरे तो गिरधर गुपाल

Mere to Giridhar Gopal

Meera Bai (16th c.) · pad no. 1 as quoted by Hariaudh

Original (Rajasthani/Braj)

मेरे तो गिरधर गुपाल दूसरा न कोई। दूसरा न कोई साधो सकल लोक जोई। भाई तजा बन्धु तजा तजा सगा सोई। साधु संग बैठि बैठि लोक लाज खोई। भगत देखि राजी हुई जगत देखि रोई। अँसुअन जल सींचि सींचि प्रेम बेलि बोई। दधि मथ घृत काढ़ि लियो डार दई छोई। राणा विष प्यालो भेज्यो पीय मगन होई। अब तो बात फैलि गई जाणै सब कोई। मीरा राम लगण लागी होणी होयसो होई।

सरल हिंदी भावार्थ

ड्राफ़्ट · समीक्षा बाकी (draft, under review)

मेरे तो बस गिरधर गोपाल (श्रीकृष्ण) हैं, दूसरा कोई नहीं — मैंने सारा संसार देख लिया। मैंने भाई, बंधु और सगे-संबंधी छोड़ दिए; साधुओं के साथ बैठ-बैठकर लोक-लाज भी छोड़ दी। भक्तों को देखकर मैं खुश होती हूँ और दुनिया (की हालत) देखकर रोती हूँ। आँसुओं के जल से सींच-सींचकर मैंने प्रेम की बेल बोई है। जैसे दही मथकर घी निकाल लिया और छाछ फेंक दी (वैसे ही सार ले लिया)। राणा ने विष का प्याला भेजा, उसे भी मैं मगन होकर पी गई। अब तो यह बात सब जगह फैल गई है, सब जानते हैं। मीरा की लगन राम (प्रभु) से लग गई है, अब जो होना है वो हो।

🔊 हिंदी अर्थ / Hindi meaning

AI voice (Indic Parler-TTS, Apache-2.0) reading the Hindi meaning.

English meaning

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